- उज्जैन में दिव्यांग दंपती ने मांगी सुरक्षा, बोले- FIR के बाद भी आरोपी बेखौफ घूम रहे; कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार
- इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बहाने उज्जैन में हनीट्रैप, युवक का अपहरण कर अश्लील वीडियो से करोड़ों जैसी वसूली की कोशिश, 10 आरोपी गिरफ्तार
- नागदा के सरकारी कॉलेजों के छात्रों ने परिणाम पर उठाए सवाल, 47 विद्यार्थियों को कम अंक और सप्लीमेंट्री मिलने पर विश्वविद्यालय में किया प्रदर्शन
- दिल्ली छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उज्जैन में विरोध प्रदर्शन: कैंडल मार्च के साथ 25 जुलाई को बड़े मार्च की तैयारी
- 'रक्तांचल-3' की स्टारकास्ट ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, भस्म आरती में शामिल होकर लिया बाबा का आशीर्वाद
बिना लिंक क्लिक किए मोबाइल हैक: प्रिंसिपल का मोबाइल हैक कर भेजा ‘वेडिंग इन्विटेशन’, 500 लोगों से वसूली की कोशिश; SP को दर्ज करवाई शिकायत!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन से आई एक हैरान कर देने वाली साइबर ठगी की घटना ने सभी को चौका दिया है। गुरुवार की रात अज्ञात हैकर ने एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल शैलेन्द्र व्यास का मोबाइल हैक कर लिया और उसके बाद जो कुछ हुआ, वो वाकई चौंकाने वाला था। व्यास का कहना है कि उन्होंने किसी भी अनजान लिंक को क्लिक नहीं किया, फिर भी उनका मोबाइल किसी अज्ञात हैकर के कब्जे में चला गया।
रातों-रात इस हैकिंग का असर पूरे गुजरात और मध्य प्रदेश तक फैल गया। सुबह होते-होते 500 से ज्यादा लोगों के मोबाइल पर एक मैसेज पहुंचा, जिसमें एक शादी के निमंत्रण की लिंक थी। हैरानी की बात यह रही कि जिन लोगों के पास यह लिंक पहुंची, उनमें से ज्यादातर को प्रिंसिपल शैलेन्द्र व्यास जानते तक नहीं थे। वेडिंग कार्ड की आड़ में भेजी गई इस लिंक पर क्लिक करने वाले लोगों को एक “ई-चालान” दिखाया गया, जिसमें 500 रुपए भरने को कहा गया था।
लिंक में लिखा था कि 30 अप्रैल को शादी है, कृपया इस कार्ड को डाउनलोड करें। कई लोगों ने जब इस लिंक पर क्लिक किया, तो उन्हें सीधे पैसे भरने वाले एक फॉर्म पर भेज दिया गया। गुजरात के वडोदरा, अहमदाबाद, जामनगर से लेकर मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के लोगों को यह मैसेज मिला और जैसे ही उन्होंने लिंक खोली, उन्हें ठगे जाने का अंदेशा हुआ।
सुबह जब लोगों ने प्रिंसिपल व्यास को कॉल कर शादी की बधाई दी, तो उन्हें अपने मोबाइल हैक होने की सच्चाई का पता चला। इस घटना के बाद उन्होंने तुरंत उज्जैन एसपी को फोन कर पूरी जानकारी दी और साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई। गनीमत यह रही कि प्रिंसिपल के उस मोबाइल नंबर से कोई भी बैंक अकाउंट लिंक नहीं था, वरना नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।